मंत्री का विवादित बयान, बोले- “महिलाएं नाचते हुए आई थीं क्या?”, कांग्रेस का हंगामा

12 Jun 2026 BIKANER
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PBM किडनी कांड पर मंत्री का विवादित बयान, बोले- "महिलाएं नाचते हुए आई थीं क्या?", कांग्रेस का हंगामा

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई महिलाओं की किडनी खराब होने के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का एक बयान विवादों में आ गया है। गुरुवार को पीबीएम अस्पताल के दौरे के दौरान पत्रकारों द्वारा मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि सभी महिलाओं की तबीयत पहले से ही ठीक नहीं थी।

मंत्री ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र वर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप ही बताइए, कैसी हालत में आई थीं? पैदल चलकर नाचती हुई आई थीं या बीमार होकर आई थीं?” मंत्री का यह बयान सामने आते ही विवाद शुरू हो गया और सोशल मीडिया पर भी इसकी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

डॉक्टरों का किया बचाव

चिकित्सा मंत्री खींवसर ने डॉक्टरों का बचाव करते हुए कहा कि अस्पताल में हजारों मरीजों का सफल इलाज होता है, लेकिन कुछ मामलों को लेकर पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हजार मरीजों में दो मौतें हो जाती हैं, लेकिन बाकी मरीज स्वस्थ होकर घर लौटते हैं, जिसकी चर्चा नहीं होती।

पीबीएम अस्पताल के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन

मंत्री के पीबीएम अस्पताल पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अस्पताल परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकते हुए उन्हें खदेड़ा। इस दौरान महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की और हल्का बल प्रयोग किए जाने की भी खबरें सामने आई हैं।

महिला संगठन ने की बयान की निंदा

अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव सीमा जैन ने मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को प्रसव के बाद आईसीयू और डायलिसिस जैसी गंभीर चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत पड़ी, उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी करना बेहद संवेदनहीन और दुर्भाग्यपूर्ण है।

सीमा जैन ने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय पीड़ित महिलाओं का मजाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल प्रशासन की संभावित विफलताओं को छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है।

उच्च स्तरीय जांच और मुआवजे की मांग

महिला समिति ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, प्रभावित महिलाओं को निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने तथा उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग उठाई गई है।

फिलहाल पीबीएम अस्पताल में महिलाओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी प्रभावित होने के मामले की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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