जीएसएस में घुसकर ऑपरेटर से मारपीट, डेढ़ घंटे रही बिजली गुल: भीड़ ने किया हंगामा
बीकानेर। इंदिरा कॉलोनी स्थित एफसीआई गोदाम के पास बने जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) में फॉल्ट ठीक करने पहुंचे बिजली विभाग के ऑपरेटर के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। घटना के कारण क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मामले को लेकर बीकेईएसएल के एईएन एचटीएम गौतम सामल ने बीछवाल थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने परिवाद के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
फॉल्ट ठीक करने पहुंचा था ऑपरेटर
रिपोर्ट के अनुसार 10 जून की रात करीब 10:28 बजे इंदिरा कॉलोनी जीएसएस में तकनीकी फॉल्ट आने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। सूचना मिलने पर जीएसएस ऑपरेटर मनरूप मौके पर पहुंचा और फॉल्ट को ठीक करने का कार्य शुरू किया।
आरोप है कि इसी दौरान भगवान सिंह मेड़तिया अपने 50 से 60 साथियों के साथ जीएसएस परिसर में जबरन घुस गया। बताया जा रहा है कि उसने जीएसएस के अंदर का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया ग्रुप में साझा किया और अन्य लोगों को भी मौके पर बुला लिया।
बार-बार लाइट बंद करवाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक ऑपरेटर मनरूप ने दो से तीन बार फॉल्ट को ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की, लेकिन हर बार कुछ लोगों ने विरोध करते हुए लाइट बंद करवा दी। इससे फॉल्ट सुधार कार्य प्रभावित होता रहा और बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी।
आरोप है कि बाद में भीड़ ने ऑपरेटर मनरूप को पकड़कर जीएसएस से बाहर निकाल लिया और उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। इतना ही नहीं, उसे कथित रूप से बंधक बनाकर कमांड स्टेशन जयपुर रोड ले जाने का प्रयास भी किया गया।
अधिकारियों के साथ भी दुर्व्यवहार
रिपोर्ट में बताया गया है कि रास्ते में एमएन अस्पताल के पास एईएन डी-5 प्रवीण विश्नोई के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
वाहनों को नुकसान, उपकरण भी गायब
पुलिस के पहुंचने से पहले उपद्रवियों ने जीएसएस परिसर में खड़ी दो बोलेरो कैंपर और दो टाटा वाहनों के टायरों की हवा निकाल दी। इसके अलावा बिजली मरम्मत कार्य में उपयोग होने वाले पेचकस, प्लास, टॉर्च सहित अन्य उपकरण भी गायब पाए गए।
बिजली विभाग ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान कई उपकरण चोरी कर लिए गए, जिससे विभाग को अतिरिक्त नुकसान हुआ है।
पुलिस हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई बिजली
काफी समझाइश और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। इसके बाद ऑपरेटर को मुक्त कराया गया और रात करीब एक बजे फॉल्ट ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी।
इस पूरी घटना के कारण क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक बिजली गुल रही, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
बीकेईएसएल की ओर से दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि भगवान सिंह मेड़तिया ने जानबूझकर लोगों को उकसाया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। कंपनी ने कहा कि वह राज्य सरकार के निर्देशानुसार विद्युत आपूर्ति का कार्य करती है और ऐसे मामलों से सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित होती हैं।
बीछवाल थाना प्रभारी दिगपाल सिंह चारण ने बताया कि बिजली कंपनी की ओर से परिवाद प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है तथा तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।




