बीकानेर नगर निगम के सामने 4 महीने से भरा गंदा पानी: मंत्री आए तो रातों-रात सूखी सड़क, जाते ही फिर वही हाल!
बीकानेर। नगर निगम प्रशासन की लापरवाही और जल निकासी व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुलती नजर आ रही है। निगम कार्यालय के ठीक सामने बीते चार महीनों से जमा गंदा पानी स्थानीय लोगों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जगह से रोजाना अधिकारी गुजरते हैं, वहां महीनों से जमा पानी का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निगम प्रशासन के पास समस्या का समाधान करने की क्षमता है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ वीआईपी दौरों के समय दिखाई देती है।
मंत्री के दौरे से पहले रातों-रात सूख गई सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार, जब स्वायत्त शासन मंत्री का दौरा प्रस्तावित था, तो उससे ठीक एक दिन पहले निगम के कर्मचारियों ने तेजी दिखाते हुए सड़क से जमा पानी हटा दिया। देखते ही देखते महीनों से भरी सड़क साफ और सूखी नजर आने लगी।
लेकिन मंत्री का दौरा खत्म होते ही हालात फिर पुराने जैसे हो गए और सड़क पर दोबारा गंदा पानी जमा हो गया। लोगों का कहना है कि अगर एक दिन में पानी हट सकता है तो आम जनता की समस्या के लिए चार महीने क्यों इंतजार करना पड़ रहा है।
बारिश के बाद शहर में जलभराव, निगम के सामने हालात जस के तस
हाल ही में हुई बारिश के बाद बीकानेर शहर के कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला। हालांकि कई जगहों पर पानी कम हो गया, लेकिन नगर निगम कार्यालय के सामने पेट्रोल पंप के पास अभी भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
निगम ने यहां दो एमएलडी क्षमता के पंपिंग स्टेशन का टेंडर किया है, लेकिन इसका फायदा इस मानसून में मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में लोगों को लंबे समय तक इस परेशानी से जूझना पड़ सकता है।
‘एक बंद-एक चालू’ व्यवस्था से नहीं निकल रहा पानी
जल निकासी के लिए निगम द्वारा लगाए गए ट्रैक्टर-पंप भी सवालों के घेरे में हैं। लोगों का आरोप है कि एक समय में केवल एक पंप ही चलाया जा रहा है, जबकि दूसरा बंद रहता है। इससे पानी की निकासी धीमी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस निगम पर पूरे शहर की सफाई और जल निकासी की जिम्मेदारी है, वही अपने कार्यालय के सामने जमा पानी हटाने में नाकाम नजर आ रहा है।
लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
जलभराव से परेशान लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि वीआईपी दौरे के समय जिस तेजी से काम होता है, वही तत्परता आम जनता की समस्याओं के लिए भी दिखाई जानी चाहिए।
अब लोगों की नजर निगम प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर है कि आखिर कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान होगा।
बीकानेर न्यूज | Aapni Awaj




