PBM में चिकित्सा मंत्री के दौरे पर हंगामा: यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पुलिस ने हिरासत में लिया, महिला कार्यकर्ताओं को भी रोका

11 Jun 2026 BIKANER
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PBM में चिकित्सा मंत्री के दौरे पर हंगामा: यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पुलिस ने हिरासत में लिया, महिला कार्यकर्ताओं को भी रोका

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल होने के चर्चित मामले के बीच रविवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के दौरे के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला। मंत्री के अस्पताल पहुंचने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को रोकते हुए हिरासत में लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भंवर कूकना सहित कई कार्यकर्ता चिकित्सा मंत्री के विरोध में नारेबाजी करते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया। आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए बल प्रयोग किया और भंवर कूकना को पकड़कर नीचे गिरा दिया। बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

महिला कार्यकर्ताओं को भी रोका गया

विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने भी मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार से अंदर जाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकते हुए पीछे किया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार कुछ महिला कार्यकर्ता सड़क पर गिर गईं, जिसके बाद माहौल और अधिक गर्म हो गया।

मंत्री के दौरे से पहले अस्पताल में हुई विशेष तैयारियां

चिकित्सा मंत्री के दौरे से पहले पीबीएम अस्पताल परिसर में विशेष साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य कराया गया। अस्पताल की दीवारों पर नया पेंट किया गया तथा गैलरियों और वार्डों के आसपास सफाई अभियान चलाया गया। कई स्थानों पर पुराने पेंट और गंदगी को हटाकर नई व्यवस्था दिखाई गई।

अस्पताल परिसर में विशेष रूप से उन क्षेत्रों को व्यवस्थित किया गया, जहां प्रसूताओं का उपचार चल रहा है। पोस्ट कोविड वार्ड के आसपास भी सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य किया गया।

प्रसूता मामले को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक

मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अस्पताल पहुंचकर अधिकारियों और चिकित्सकों के साथ बैठक की। बैठक में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले, अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, संक्रमण नियंत्रण तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई।

सूत्रों के अनुसार बैठक में मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत दवाओं की खरीद और आपूर्ति व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। पिछले कई महीनों से दवा खरीद प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के मद्देनजर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली।

जांच रिपोर्ट पर भी हुई चर्चा

मामले की जांच के लिए गठित विशेषज्ञ समिति और जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम द्वारा तैयार रिपोर्ट पर भी चर्चा होने की संभावना जताई गई। सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले ही दो अलग-अलग जांच समितियां गठित की जा चुकी हैं, जो इंजेक्शन की गुणवत्ता, संक्रमण की संभावना और उपचार प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही हैं।

प्रीति की हालत अब भी गंभीर

श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ निवासी प्रीति नायक की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनका अब तक 13 बार डायलिसिस किया जा चुका है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

वहीं अन्य प्रभावित महिलाओं की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में बढ़ी हलचल

प्रसूता प्रकरण को लेकर प्रदेशभर में चर्चा बनी हुई है। एक ओर सरकार पूरे मामले की जांच कर रही है, वहीं विपक्ष अस्पताल प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है। चिकित्सा मंत्री के दौरे और विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी अधिक चर्चा में आ गया है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं तथा अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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