PBM अस्पताल में 42 दिन में 13 प्रसूताओं की मौत! रिपोर्ट में सामने आई बड़ी लापरवाही, वेंटिलेटर पर 2 की हालत गंभीर

14 Jun 2026 BIKANER
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PBM अस्पताल में 42 दिन में 13 प्रसूताओं की मौत! जांच रिपोर्ट में SOP पालन में लापरवाही का खुलासा

बीकानेर न्यूज: संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के आंकड़ों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस साल जनवरी से जून तक करीब साढ़े पांच महीने में 13 प्रसूताओं की मौत सामने आई है। इनमें से यह मौतें लगभग 42 दिनों के अंतराल में होने की बात सामने आई है।

वहीं दो प्रसूताएं अभी भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले की जांच के लिए भेजी गई जोधपुर मेडिकल कॉलेज की टीम की रिपोर्ट में अस्पताल में SOP (Standard Operating Procedure) का सही तरीके से पालन नहीं होने की बात सामने आई है।

डिलीवरी के बाद बिगड़ी कई प्रसूताओं की हालत

पीबीएम अस्पताल के जनाना विंग में डिलीवरी के बाद छह प्रसूताओं की किडनी फेल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें प्रीति और शारदा का इलाज वेंटिलेटर पर चल रहा है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक करीब 6154 महिलाओं की डिलीवरी हुई है। इनमें करीब 2737 यानी 44.5 प्रतिशत केस सिजेरियन डिलीवरी के रहे।

साल के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

वर्ष कुल डिलीवरी सिजेरियन मृत्यु
2023 16895 5988 28
2024 16706 6673 40
2025 16044 6709 36
2026 6154 2737 13

जांच रिपोर्ट में SOP पालन में मिली कमी

जोधपुर मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट के अनुसार पीबीएम जनाना अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर और इंफेक्शन कंट्रोल से जुड़ी गाइडलाइन का सही पालन नहीं किया जा रहा था।

  • हर ऑपरेशन के बाद क्लैबसिल्ला माइक्रो ऑर्गेनिज्म स्ट्रिप टेस्ट जरूरी है।
  • ओटी में प्रेशराइज्ड फ्रेश एयर फ्लो की व्यवस्था होनी चाहिए।
  • ऑपरेशन टेबल और उपकरणों की सही तरीके से सफाई व स्टरलाइजेशन जरूरी है।
  • ऑटोक्लेव मशीन के तापमान, दबाव और समय की नियमित जांच होनी चाहिए।

मंत्री ने दिए स्वास्थ्य व्यवस्था सुधार के निर्देश

चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि जांच रिपोर्ट में कई कमियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा और अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।

मरीजों की निगरानी के लिए विशेषज्ञ टीम तैनात

पीबीएम अस्पताल प्रशासन के अनुसार प्रसूताओं के इलाज के लिए मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, नेफ्रोलॉजी, एनेस्थीसिया, न्यूरोलॉजी और पल्मोनरी मेडिसिन विभागों की संयुक्त टीम लगातार काम कर रही है।

यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

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