Khajuwala me hamla
मामला जिले के खाजूवाला उप-रजिस्ट्रार कार्यालय का है, तहसीलदार हरीश कुमार टाक के अनुसार, 27 जुलाई को चक 6 बीजीएम स्थित भूमि के दो बैनामे रजिस्ट्री के लिए प्रस्तुत किए गए थे। दस्तावेजों में दानाराम पुत्र गिरधारीराम को विक्रेता और वेदप्रकाश पुत्र सूजाराम को खरीदार दर्शाया गया था। रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दौरान ही दानाराम के वास्तविक वारिसों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि दानाराम का पहले ही निधन हो चुका है।समय और कैलेंडर प्रारंभिक जांच में प्रस्तुत आधार कार्ड और पैन कार्ड भी कथित रूप से फर्जी पाए गए। पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्ति ने स्वीकार किया कि वह दानाराम पुत्र गिरधारीराम नहीं, बल्कि दानाराम पुत्र भींवाराम, निवासी सोनपालसर (सरदारशहर) है। उसने बताया कि उसके नाम पर कोई जमीन नहीं है तथा उसे राऊराम पुत्र सूजाराम और अन्नाराम पुत्र मांगीलाल तहसील कार्यालय लेकर आए थे। मामले में 27 जुलाई की रात करीब 9 बजे पुलिस ने चार लोगों—फर्जी दानाराम, राऊराम, अन्नाराम और वेदप्रकाश—के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच एसआई कोहरसिंह को सौंपी गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और दस्तावेजों की सत्यता के साथ अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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