बीकानेर में सहजन खेती से बढ़ेगी किसानों की आय: 50 किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण, बांटे जाएंगे 1000-1000 पौधे

15 Jun 2026 BIKANER
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बीकानेर में सहजन खेती से बढ़ेगी किसानों की आय, 50 किसानों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

Bikaner News: जिले में सतत और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सहजन (मोरिंगा) आधारित कृषि प्रणाली पर तीन दिवसीय कृषक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में किया गया।

नाबार्ड वित्त पोषित परियोजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजूवास) के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास, नाबार्ड के डीडीएम अरविंद चाहर और संयुक्त निदेशक बागवानी प्रेमाराम ने किया।

सहजन खेती से किसानों को मिलेंगे नए अवसर

डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि मोरिंगा एक बहुउपयोगी वृक्ष है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य, औषधि, कृषि, पशुपालन और उद्योगों में किया जाता है। उन्होंने बताया कि सहजन आधारित कृषि प्रणाली किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सहायक साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि सहजन के बीज, पत्तियां, जड़, तना और छाल का अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आमदनी मिल सकती है।

50 किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

परियोजना के मुख्य समन्वयक डॉ. बीरबल ने बताया कि प्रशिक्षण में बीकानेर जिले की विभिन्न तहसीलों के 50 किसान भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रत्येक किसान को प्रमाण पत्र के साथ 1000 सहजन पौधे निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।

200 किसानों को बांटे जा चुके हैं दो लाख पौधे

उन्होंने बताया कि यह परियोजना पिछले दो वर्षों से नाबार्ड के सहयोग से काजरी बीकानेर में संचालित की जा रही है। अब तक इस योजना के माध्यम से 200 किसानों को दो लाख से अधिक सहजन पौधे निशुल्क वितरित किए जा चुके हैं।

नाबार्ड के डीडीएम अरविंद चाहर ने सहजन को किसानों का आर्थिक सशक्तिकरण करने वाला पौधा बताया। वहीं संयुक्त निदेशक बागवानी प्रेमाराम ने सहजन की खेती से भूमि की उर्वरता सुधार और इसके औषधीय गुणों की जानकारी दी।

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