अनिद्रा और उसका प्राकृतिक-यौगिक समाधान

हमें जीवन पर्यंत स्वस्थ रहने के लिए नींद अति आवश्यक है। राष्ट्रीय निद्रा संस्थान के अनुसार एक व्यक्ति के शरीर के विभिन्न कार्यो को सुचारू रूप से चलाने के लिए निद्रा की भूमिका महत्वपूर्ण है।

हमें जीवन पर्यंत स्वस्थ रहने के लिए नींद अति आवश्यक है। राष्ट्रीय निद्रा संस्थान के अनुसार एक व्यक्ति के शरीर के विभिन्न कार्यो को सुचारू रूप से चलाने के लिए निद्रा की भूमिका महत्वपूर्ण है।

  • निद्रा हमारे हृदय को स्वस्थ रखती है।
  • तनाव घटाती है।
  • शरीर के उतेजना को कम करती है।
  • हमें सक्रिय बनाती है।
  • हमारी याद्दाशत को बढाती है।
  • वजन को नियंत्रित करने मे मदद करती है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाती है।
  • अवसाद के खतरे को कम करती है।
  • हमारे शरीर को पुनः ऊर्जान्वित करती है।



निद्रा की पांच अवस्थायें है, इसके दो चरणों में प्रथम चरण को NREM (Non Rapid Eye Movement) कहते है तथा द्वितीय को REM (Rapid Eye Movement)  कहा जाता है, निद्रा की पांच अवस्थाओं मे से चार अवस्थाये NREM के अंतर्गत आती है व पाचवी अवस्था REM के अंतर्गत आती है।

प्रथम अवस्था: यह निद्रा की प्रांरभिक अवस्था है। इस अवस्था में अपेक्षाकृत हल्की नींद शामिल है तथा निद्रा की इस अवस्था को जाग्रत अवस्था व निद्रा अवस्था के बीच की स्थिति भी माना जाता है। इस अवस्था का काल 5-10 मिनट तक का होता है।

द्वितीय अवस्था: निद्रा की इस अवस्था मे शरीर का तापमान घटना शुरू हो जाता है। तथा हृदय गति कम होनी प्रारम्भ हो जाती है। यह काल लगभग 20 मिनट तक का होता है।

तृतीय अवस्था: हल्की नींद से गहरी नींद मे परिवर्तित होने की अवस्था अवस्था ही तृतीय अवस्था है।

चतुर्थ अवस्था: इस काल मे व्यक्ति गहरी निंद्रा मे होता है। यह लगभग 30 मिनट तक की हो सकती है। निंद्रा की इस अवस्था मे ही सोते समय बिस्तर पर ही पेशाब करना तथा नींद मे चलना आदि प्रक्रियाये हाती है।

REM (Rapid Eye Movement): यह निद्रा की पाचवी अवस्था है, अधिकांश स्वप्न इसी अवस्था मे दिखाई देते है। निंद्रा की इस अवस्था मे श्वसन दर और मष्तिक की क्रियाशीलता बढ जाती है तथा मांसपेशिया और अधिक शांत हो जाती है।

 

अनिद्रा की अवस्था में:

बहुत से लोग पर्याप्त नींद न आने की शिकायत करते है। नींद की कमी से आपके दिन भर की कार्यशीलता, संतुलन, भूख तथा रोग प्रतिरोधक तंत्र पर भी दुष्प्रभाव पडता है। जो कि कई बिमारीयों के होने के खतरे को और भी बढा देता है। अधिक मात्रा में नींद भी हृदय संबंधित बीमारीयों, मधुमेह, मोटापा और स्मृति संबंधित रोगो के होने के खतरे को बढा देती है। इसलिए हमे अपने स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए पर्याप्त नींद की आवष्यकता होती है। उम्र के अनुसार कितनी नींद आवश्यक है उसका विवरण तालिका मे दिया गया है।

आयु और निद्रा का अनुपात:

आयु सीमा                   नींद की अवधि

नवजात शिशु से 2 महीने तक   12-18 घंटे

3 महीने से 1 वर्ष तक         14-15 घंटे

1 वर्ष से 3 वर्ष तक           12-14 घंटे

3 वर्ष से 5 वर्ष तक           11-13 घंटे

5 वर्ष से 12 वर्ष तक          10-11 घंटे

12 वर्ष से 18 वर्ष तक         8.5-10 घंटे

वयस्क                      7.5-9 घंटे

यदि हम नियमित रूप से रात्रि मे अच्छी व पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, तो उम्र के तेजी से बढने का खतरा पैदा हो जाता है। तथा व्यक्ति इसके साथ-साथ घबराहट व बेचैनी का अनुभव करता है, जबकि नींद के दौरान हमारा शरीर कोशिकाओं की मरम्मत करता है तथा जहरीले पदार्थो को शरीर से बाहर निकालता है। इस प्रकार हमें 6-8 घंटे की नींद आवश्यक रूप से लेनी चाहिए।

योगाभ्यास एक समाधान:

यदि आप निद्रा संबधी समस्याओं से पीडित है जैसेः नींद की कमी (Sleeplessness) तथा नींद का ना आना आदि (insomnia)
तो योगाभ्यास इसके समाधान के लिए एक साधन हो सकता है। योगाभ्यास रक्त परिसंचरण को बढाता है। हमारे तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है तथा शरीर से जहरीले पदार्थो को निकालकर शरीर को ऊर्जान्वित करता है। नियमित योगाभ्यास कई बीमारियों जैसे नींद का न आना तथा असमय नींद जैसी परेशानियों को ठीक करने मे उपयोगी है योग दिन भर क तनाव से मुक्ति दिलाकर रात्रि मे अच्छी नींद दिलाने मे सहायक है। जो योगासन गहरी शिथिलता तथा जागरूकता के साथ किये जाते है, वे मस्तिष्क को शांत करने वाले रसायनों को स्थापित करने मे सहायक होते है। यह अति आवश्यक है कि अपनी क्षमतानुसार किसी भी आसन की पुर्ण स्थिति मे पहुंचकर गहरी श्वास-प्रश्वास तथा शिथिलता से आप को उसी अवस्था मे बनाये रखना चाहिए। प्राणायाम को अभ्यास भी insomnia के लिए बहुत उपयोगी है। योग का अभ्यास हमेशा अनुभवी शिक्षक के देख-रेख मे ही करें।

स्ंतुलित जीवन शैली:

जीवनशैली तथा निद्रा एक दूसरे पर निर्भर है, खराब जीवन शैली आपकी निद्रा की गुणवता को प्रभावित करती है। तथा खराब निद्रा आपकी जीवन शैली को प्रभावित करती है। जीवन शैली मे परिवर्तन एक प्रक्रिया है जिसमें समय लगता है। यदि एक बार हम परिवर्तन के लिए तैयार भी हो जाते है, फिर भी इसका निंरतर अनुसरण करना मुश्किल होता है। नीचे जीवन शैली मे कुछ परिवर्तन की सलाह दी गयी है। जोकी अच्छी नींद के लिए आवश्यक है।

  • सोने का समय सुनिश्चित करें।
  • सोने के अनुकुल शांतिपूर्ण वातावरण बनायें।
  • यह सुनिश्चित करें कि बिस्तर आरामदायक हो
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • सोने के पूर्व कॉफ़ी, चाय या ऊर्जा प्रदान करने वाले पेय पदार्थो के सेवन से बचें।
  • रात्रि के समय हल्का भोजन लें
  • धुम्रपान से बचें।
  • बिस्तर पर सोने के लिए जाने से पहले अपने शरीर को शिथिल करें।
  • अपनी चिंताओं से अपने आपको दूर रखें।
  • बिस्तर पर चिंताओं से बचें तथा मन व शरीर को शांत रखें।

अच्छी नींद लेने में स्वास्थ्यवर्धक भोजन शरीर की स्वस्थ कोशिका के निर्माण मे और उनके कार्यो को सुचारू रूप से करने मे मदद करता है।

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